दर्द की दास्तान…



दर्द की दास्तान अभी बाकी है,
मोहब्बत का इम्तेहान अभी बाकी है,
दिल करे तो ज़ख्म देने आ जाना,
दिल ही टूटा है जान अभी बाकी है।

दर्द की दास्तान शायरी


, , ,