प्यार की हद…



हम अपने इख़्तियार की हद से गुजर गए,
चाहा तुम्हें तो प्यार की हद से गुजर गए,
जागी है अपने दिल में गुलाबों की आरज़ू,
जब मौसम-ए-बहार की हद से गुजर गए।


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