मौसम भी है शराब भी…



मौसम भी है, उम्र भी, शराब भी है,
पहलू में वो रश्के-माहताब भी है,
दुनिया में अब और चाहिए क्या मुझको,
साक़ी भी है, साज़ भी है, शराब भी है।


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