ज़िन्दगी मुकाम माँगती है…



ज़िन्दगी हर हाल में एक मुकाम माँगती है,
किसी का नाम तो किसी से ईमान माँगती है,
बड़ी हिफाजत से रखना पड़ता है दोस्त इसे,
रूठ जाए तो मौत का सामान माँगती हैं।

ज़िन्दगी मुकाम माँगती है शायरी


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